देहरादून में देर रात मुठभेड़: प्रॉपर्टी डीलर को गोली मार लूट, जवाबी फायरिंग में एक बदमाश ढेर
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित पौंधा इलाके में बुधवार देर रात अपराध और पुलिस के बीच आमना-सामना हो गया। करीब साढ़े दस बजे हुई इस वारदात में कार सवार तीन बदमाशों ने एक प्रॉपर्टी डीलर को निशाना बनाते हुए गोली मार दी और उससे मोबाइल व लगभग दो लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार होने की कोशिश की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पूरे क्षेत्र में तुरंत नाकेबंदी कर दी गई और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू हो गई। इसी दौरान पुलिस को गुजरात नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध काले रंग की कार दिखाई दी। जैसे ही पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, कार में सवार बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने भी तुरंत जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ इतनी करीब से हुई कि गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। इस दौरान प्रेमनगर कोतवाली के इंस्पेक्टर नरेश राठौर के हाथ में दो गोलियां लगीं, लेकिन घायल होने के बावजूद उन्होंने मोर्चा संभाले रखा और टीम का नेतृत्व जारी रखा।
जवाबी फायरिंग में एक बदमाश को कई गोलियां लगीं, जिनमें से तीन गोलियां उसके सीने के आर-पार निकल गईं। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाश की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है, हालांकि उसकी पहचान देर रात तक नहीं हो सकी थी।
इस गोलीबारी और अफरा-तफरी के बीच दो अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। उनकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो आसपास के जंगलों और इलाकों में सघन कॉम्बिंग अभियान चला रही हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना में घायल प्रॉपर्टी डीलर देवराज और इंस्पेक्टर नरेश राठौर को पहले नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और संदिग्ध कार की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
इस पूरी घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। देर रात सड़कों पर गूंजती गोलियों की आवाज से स्थानीय लोग सहम गए। पुलिस ने मामले में लूट और मुठभेड़ से संबंधित दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज करने की बात कही है।
गौरतलब है कि देहरादून में इस तरह की पुलिस मुठभेड़ लंबे समय बाद सामने आई है। वर्ष 2009 के चर्चित रणवीर एनकाउंटर के बाद यह पहली बड़ी घटना मानी जा रही है, जिसमें पुलिस की जवाबी कार्रवाई में किसी बदमाश की मौत हुई है।
