तेज रफ्तार का कहर: देहरादून में कार ने दोहरी टक्कर से मचाई तबाही, पुराने जख्म फिर हरे
देहरादून की सीमाओं पर हादसों की काली छाया एक बार फिर गहराई है। आशारोड़ी चेकपोस्ट पर बीती रात हुए भीषण सड़क हादसे ने न केवल दो जिंदगियों को लील लिया, बल्कि लोगों को 11 नवंबर 2024 की रात ओएनजीसी चौक पर हुए दर्दनाक हादसे की याद भी दिला दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कार पहले चेकपोस्ट बैरियर से टकराई और फिर सीधे ट्राले के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के आगे की सीटों पर बैठे दोनों युवक बुरी तरह फंस गए। फायर ब्रिगेड की टीम को दरवाजे काटकर शव निकालने में आधा घंटा लगा।
बताया जा रहा है कि ट्राला चालक ने चेकिंग के चलते वाहन की रफ्तार धीमी की थी, लेकिन पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार के ड्राइवर को समय रहते बैरियर नजर नहीं आया। इसी कारण यह हादसा हुआ। हैरानी की बात यह है कि यह वही स्थान है, जहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
पिछले साल 13 नवंबर को एक बेकाबू कंटेनर ने कई गाड़ियों को टक्कर मार दी थी, जिससे एक पिकअप वाहन खड्ड में गिर गया और चालक की मौत हो गई थी। उस हादसे में राज्य कर विभाग के कर्मचारी और एक पीआरडी जवान भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
11 फरवरी 2023 को भी इस स्थान के पास एक दुखद दुर्घटना हुई थी, जब शादी कर लौट रहे दूल्हा-दुल्हन की कार ने नींद में झपकी ले रहे ड्राइवर की वजह से बाइक सवार मां-बेटे को कुचल दिया था।
बैरियर बना जानलेवा – रात में सुरक्षा रोशनी का अभाव
आशारोड़ी चेकपोस्ट पर रात के समय बैरियर वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पर्याप्त लाइटिंग न होने की वजह से तेज गति से आने वाले बाहरी राज्यों के वाहन चालक अक्सर बैरियर को समय पर नहीं देख पाते और ब्रेक मारते ही हादसा हो जाता है।
स्थानीय ड्राइवर तो सतर्क रहते हैं, लेकिन नए लोग दुर्घटनाओं का शिकार बन जाते हैं। यह बैरियर न सिर्फ वाहन चालकों, बल्कि वहां ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों और स्टाफ के लिए भी खतरे का कारण बनता जा रहा है।
अब समय आ गया है कि इस चेकपोस्ट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में और जानें न जाएं।
