उत्तराखंड विधानसभा सत्र: भराड़ीसैंण में सुरक्षा पुख्ता, 804 जवान तैनात, विरोध-प्रदर्शन पर रोक
गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार से शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा सत्र को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है। यह प्रावधान 22 अगस्त शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगा। आदेश के अनुसार विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, बिना अनुमति सभा, हथियार लाने, लाउडस्पीकर के उपयोग और भड़काऊ संदेश फैलाने जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
804 पुलिस कर्मी और 41 अधिकारी तैनात
सत्र को देखते हुए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। 4 एडिशनल एसपी, 12 सीओ, 25 इंस्पेक्टर और 804 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सोमवार को विधानसभा भवन में चमोली डीएम और एसपी ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने सभी जवानों को मुस्तैद और सतर्क रहने के निर्देश दिए। विधानसभा मार्ग पर दिवालीखाल, दुग्तमा और जंगलचट्टी में बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के लिए मालसी और मेहलचौंरी में अस्थायी जेल बनाई गई है।
स्वास्थ्य सेवाएं भी पुख्ता
सत्र के दौरान किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। 12 से अधिक डॉक्टर और 8 एंबुलेंस चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। भराड़ीसैंण में मेडिकल रिलीफ पोस्ट और अस्थायी अस्पताल बनाया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहेंगे।
कांग्रेस करेगी विधानसभा घेराव
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष भी आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। 20 अगस्त को कांग्रेस पार्टी गैरसैंण विधानसभा घेराव करेगी। नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी के नेतृत्व में रामलीला मैदान से रैली निकालकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व्यवस्था की बदहाली और गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग उठाई जाएगी। वहीं, पूर्व अनशनकारी भुवन कठायत ने भी स्थायी राजधानी की मांग को लेकर धरना देने का ऐलान किया है।
