चमोली में जोशीमठ के बाद अब नंदानगर धंसने लगा, बाजार खाली, 34 परिवारों ने घर छोड़ा
जोशीमठ के बाद अब चमोली जिले का नंदानगर घाट भू-धंसाव की चपेट में है। पिछले हफ्ते हुई भारी बारिश और भूस्खलन से कस्बे की नींव हिल गई। शुक्रवार रात अचानक हालात बिगड़े और 8 मकान ढह गए।
प्रशासन ने एहतियातन 34 परिवारों को घर खाली कराने के साथ बाजार की 40 से ज्यादा दुकानों को भी बंद करा दिया है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार के ऊपर लटक रही चट्टान अगर खिसकी तो 150 दुकानें मलबे में दब सकती हैं।
जोशीमठ की यादें ताज़ा
जनवरी 2023 में भी जोशीमठ में इसी तरह का संकट आया था। तब 800 से ज्यादा मकानों में दरारें पड़ीं और 181 इमारतें खाली कराई गई थीं। विशेषज्ञों ने चेताया था कि जोशीमठ ढलानों पर बने कमजोर मलबे (मोरेन) पर बसा है और बड़े निर्माण इसे और संवेदनशील बना रहे हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी
1976 में मिश्रा कमेटी ने रिपोर्ट में साफ कहा था कि यह इलाका हाई रिस्क जोन-5 में आता है। वहीं, 2021 में GSI ने भी केंद्र को रिपोर्ट दी, जिसमें खराब ड्रेनेज, ढलानों पर निर्माण और हाइड्रो प्रोजेक्ट को भू-धंसाव की बड़ी वजह बताया गया।
