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अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज के गद्दी-स्थल पर 20 दिसंबर को विशेष शुद्धिकरण यज्ञ

रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र स्थित मुनि महाराज जी का पावन गद्दी-स्थल इन दिनों दुर्दशा की स्थिति में है। वर्षों से आस्था और परंपरा का केंद्र रहा यह स्थल अपनी पवित्रता खोता जा रहा है। इसी को देखते हुए गद्दी-स्थल की शुद्धि, संरक्षण और धार्मिक मर्यादा की रक्षा के लिए 20 दिसंबर को विशेष शुद्धिकरण यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

यह वही ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जहां से महर्षि अगस्त्यमुनि और साणेश्वर महाराज की देव डोलियां अपनी देवयात्रा की शुरुआत करती हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों के अनुसार यह स्थल न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है।

खास बात यह है कि 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद मुनि महाराज मकर संक्रांति के अवसर पर पुनः देवयात्रा पर निकलने जा रहे हैं। ऐसे में गद्दी-स्थल की पवित्रता बनाए रखना और धार्मिक संतुलन स्थापित करना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। इसी उद्देश्य से यह शुद्धिकरण यज्ञ आयोजित किया जा रहा है, ताकि आस्था पर कोई आंच न आए और परंपराओं का निर्वहन विधिवत हो सके।

आयोजकों का कहना है कि यह यज्ञ अगस्त्य ऋषि महाराज की परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने का एक पावन प्रयास है। कार्यक्रम के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी धार्मिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर समस्त ग्रामवासियों, धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृ शक्ति और युवा वर्ग से अपील की गई है कि वे इस पावन आयोजन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
दिनांक: 20 दिसंबर
समय: प्रातः 11 बजे
स्थान: मुनि महाराज जी का गद्दी-स्थल, अगस्त्यमुनि सैण

आयोजकों ने आशा जताई है कि अधिक से अधिक लोग पहुंचकर इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाएंगे और आस्था की रक्षा में अपना योगदान देंगे।