Uttarakhand

कोटद्वार के युवा मोहम्मद दीपक को राहुल गांधी ने लगाया गले, कहा देश को ऐसे युवाओं की जरूरत

उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम चलाने वाले दीपक कुमार, जो खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ भी कहते हैं, इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में उनसे मुलाकात की और तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि ऐसे साहस और एकता की भावना हर भारतीय युवा में होनी चाहिए। उन्होंने “हर इंसान, एक समान” का संदेश देते हुए इसे भारतीयता और मोहब्बत की मिसाल बताया।

कैसे शुरू हुआ विवाद

26 जनवरी को कोटद्वार के एक बाजार में हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द हटाने को लेकर विवाद हो रहा था। इसी दौरान दीपक ने कथित तौर पर हस्तक्षेप किया। जब उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया—“मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” यह बयान तेजी से वायरल हो गया।

कुछ लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश माना, जबकि कुछ संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते दीपक स्थानीय घटना से निकलकर राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन गए।

31 जनवरी के बाद बदला माहौल

दीपक का कहना है कि 31 जनवरी को कुछ संगठनों के लोग उनके जिम के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया, लेकिन इसके बाद माहौल बदल गया। उनके मुताबिक, पहले जहां रोज करीब 150 सदस्य जिम आते थे, अब संख्या घटकर 12–15 रह गई है। कई सदस्य फोन कर रहे हैं कि हालात सामान्य होने पर ही लौटेंगे।

आर्थिक दबाव और परिवार पर असर

जिम किराए की बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर चलता है, जिसका मासिक किराया 40 हजार रुपये है। इसके अलावा छह महीने पहले बनाए गए घर की 16 हजार रुपये की मासिक लोन किस्त भी देनी होती है। जिम ही परिवार की एकमात्र आय का साधन है। सदस्यों की संख्या घटने से आमदनी पर सीधा असर पड़ा है।

विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के करीब 12 वरिष्ठ वकीलों ने प्रतीकात्मक समर्थन के तौर पर जिम की एक साल की सदस्यता ली। दीपक का कहना है कि इससे उन्हें मानसिक संबल मिला।

घटना का असर परिवार पर भी पड़ा। दीपक के अनुसार तनाव के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी बेटी ने कुछ दिनों तक स्कूल जाना बंद कर दिया था। अब वह दोबारा स्कूल जाने लगी है।

दीपक का कहना है कि वह किसी विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते। “मैं सिर्फ अपना काम करना चाहता हूं। जिम चलाना ही मेरा पेशा है।”