चमोली: आपदा में कोषागार थराली की सेवा भावना बनी मिसाल…आप भी जानिये पूरा मामला
आपदा जैसी कठिन परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की तत्परता और संवेदनशीलता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान चमोली जिले के मुख्य कोषाधिकारी सुश्री मामूर जहां एवं उनके अधीनस्थ उप-कोषागार थराली की टीम ने जिस समर्पण और दक्षता का परिचय दिया, वह वास्तव में प्रशंसनीय है।
विपरीत हालात में भी कोषागार कार्यालय ने वित्तीय गतिविधियों को बिना रुके सुचारु रूप से जारी रखा। राहत कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि का त्वरित वितरण, कर्मचारियों के वेतन एवं पेंशन का समय पर भुगतान तथा जरूरतमंदों तक आर्थिक सहयोग पहुंचाना टीम की प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
इसके अलावा, कार्यालय के कर्मचारियों ने व्यक्तिगत जोखिम उठाकर राहत प्रयासों में सहयोग किया। डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर पारदर्शिता और गति बनाए रखी, जिससे राहत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सके।
यह कार्य केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि अन्य सरकारी संस्थानों के लिए प्रेरणा है कि कठिन से कठिन हालात में भी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना के साथ जनता की सेवा कैसे की जा सकती है।
