छात्र आंदोलन की जीत: धरनास्थल पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, CBI जांच की सिफारिश और किसी छात्र पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा
उत्तराखंड की राजधानी में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक धरना स्थल पर पहुंचे। छात्रों ने सरकार से भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच और छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी की मांग उठाई थी।
छात्रों के आक्रोश और बढ़ते जनसमर्थन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मौके पर ही बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की CBI जांच कराई जाएगी, ताकि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जा सके।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। पहले से दर्ज मामलों को भी वापस लिया जाएगा।
धरना स्थल पर पहुंचे धामी को देखकर छात्र काफी देर तक नारेबाजी करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री ने धैर्यपूर्वक सभी की बातें सुनीं और आश्वासन दिया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करेगी।
धामी ने कहा –
👉 “भर्ती घोटालों में किसी भी स्तर पर यदि गड़बड़ी सामने आती है तो सख्त कार्रवाई होगी। हम चाहते हैं कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो और इसके लिए CBI से जांच कराई जाएगी।”
इस घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्रों के बीच राहत और संतोष की लहर देखी गई। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार का यह फैसला आंदोलन की दिशा बदल देगा और अब वे जांच की निष्पक्षता पर भरोसा करते हैं।
