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तिरुपति लड्डू घोटाला: उत्तराखंड की डेयरी से पहुंचा 68 लाख किलो ‘नकली घी’, एसआईटी जांच में जुटी

आंध्र प्रदेश के तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में तैयार होने वाले प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में नकली घी के इस्तेमाल का बड़ा खुलासा हुआ है।
मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मंगलवार को टीटीडी के पूर्व कार्यकारी अधिकारी (EO) ए.वी. धर्म रेड्डी से लंबी पूछताछ की।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित टीम ने जांच में पाया कि पवित्र लड्डू प्रसाद में असली घी की जगह ताड़ के तेल और औद्योगिक रसायनों से बना नकली घी इस्तेमाल किया गया था।

1. उत्तराखंड की डेयरी से पहुंचा 68 लाख किलो ‘नकली घी’

जांच एजेंसी के मुताबिक, उत्तराखंड की एक डेयरी ने 2019 से 2024 के बीच करीब 68 लाख किलोग्राम नकली घी तिरुपति मंदिर प्रशासन को सप्लाई किया।
इसकी कीमत लगभग ₹250 करोड़ बताई जा रही है।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस डेयरी ने बिना दूध या मक्खन खरीदे ही इतनी बड़ी मात्रा में “घी” की सप्लाई कर दी थी।

2. ताड़ के तेल और रसायनों से बनाया गया नकली घी

जांच में पाया गया कि यह तथाकथित घी ताड़ के तेल, पाम कर्नेल ऑयल और एसिटिक एसिड एस्टर जैसे औद्योगिक रसायनों से तैयार किया गया था।
इसे इस तरह से संश्लेषित किया गया था कि यह गुणवत्ता जांच (रीचर्ट-मीसल वैल्यू टेस्ट) में असली घी जैसा दिखे।

3. पूर्व ईओ धर्म रेड्डी और सहयोगियों पर जांच का शिकंजा

यह पूरा मामला उस समय का है जब ए.वी. धर्म रेड्डी टीटीडी के ईओ के रूप में कार्यरत थे।
जांच के दायरे में अब उनके साथ पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी और उनके करीबी चिन्ना अप्पन्ना भी आ चुके हैं।
अप्पन्ना पर आरोप है कि उन्होंने अयोग्य डेयरियों को ठेके दिलाने में भूमिका निभाई।

4. एसआईटी अब पूरी ‘कमान श्रृंखला’ खंगालने में जुटी

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर खरीद और गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जल्द ही टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी को भी नोटिस भेज सकती है।

5. श्रद्धालुओं के विश्वास पर लगा दाग — पवित्र प्रसाद की शुद्धता पर सवाल

देशभर के करोड़ों श्रद्धालु तिरुपति के लड्डू को भगवान वेंकटेश्वर का प्रसाद मानकर ग्रहण करते हैं।
अब उसी प्रसाद की पवित्रता पर सवाल उठ गए हैं, जिसने पूरे देश में श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है।
जांच एजेंसियां इस मामले की पूरी परतें खोलने में जुटी हैं ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।