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चमोली में प्रसव के दौरान गर्भवती की मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का लगाया आरोप

उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली से एक दुखद मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली पहुंची 32 वर्षीय गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

परिजनों के अनुसार, महिला को प्रसव पीड़ा होने पर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली लाया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों ने करीब छह घंटे तक सामान्य प्रसव कराने का भरोसा देकर महिला को भर्ती रखा। इस दौरान उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय रहते उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर नहीं किया गया।

परिजनों का कहना है कि जब महिला की हालत अधिक गंभीर हो गई, तब अस्पताल प्रशासन ने उसे कर्णप्रयाग अस्पताल रेफर किया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में महिला ने दम तोड़ दिया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। बताया जा रहा है कि यह उसका तीसरा प्रसव था। परिवार का आरोप है कि यदि समय पर उचित उपचार या रेफरल की व्यवस्था की जाती, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।

घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज या रेफरल प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं। वहीं, इस दुखद घटना ने एक बार फिर दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।