इलाज की उम्मीद में भारत आई महिला की दर्दनाक मौत, देहरादून में पढ़ रही भतीजी ने की पहचान
मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को गहरे जख्म दिए हैं। इस हादसे में जान गंवाने वालों में लाइबेरिया की 61 वर्षीय जंजाय एन रोलैंड भी शामिल हैं, जो अपने बीमार पति के इलाज के लिए भारत आई थीं। लेकिन जिस यात्रा की शुरुआत उम्मीद और उपचार की तलाश में हुई थी, उसका अंत एक दर्दनाक त्रासदी में हो गया।
परिजनों के अनुसार, जंजाय अपने पति के साथ इलाज के सिलसिले में दिल्ली पहुंची थीं। उनके पति साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि जंजाय पास के होटल में ठहरी हुई थीं ताकि वह लगातार उनकी देखभाल कर सकें। इसी दौरान होटल में भीषण आग लग गई और वह इस हादसे का शिकार हो गईं।
अस्पताल से आया वह फोन जिसने सब बदल दिया
देहरादून में पढ़ाई कर रही उनकी भतीजी मारिया को इस हादसे की जानकारी तब मिली जब अस्पताल में भर्ती उनके अंकल का फोन आया। मारिया के अनुसार, उनके अंकल ने बेहद भावुक आवाज में उन्हें एम्स जाने और शव की पहचान करने के लिए कहा।
मारिया ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से देहरादून में रहकर पढ़ाई कर रही हैं और इस सप्ताह उनकी अपनी आंटी से मुलाकात होने वाली थी। वह इस मुलाकात को लेकर काफी उत्साहित थीं, लेकिन उससे पहले ही उन्हें यह दुखद समाचार मिल गया।
मोर्चरी में टूटी आखिरी उम्मीद
एम्स की मोर्चरी पहुंची मारिया ने अपनी आंटी के शव की पहचान की। इस दौरान उनका दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने बताया कि परिवार को उम्मीद थी कि जंजाय सुरक्षित होंगी, लेकिन पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी उम्मीदें खत्म हो गईं।
मारिया ने कहा कि उनके अंकल की स्वास्थ्य स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार या अन्य व्यवस्थाओं को संभाल सकें। ऐसे कठिन समय में लाइबेरियाई दूतावास परिवार की मदद कर रहा है।
लाइबेरिया भेजा जाएगा पार्थिव शरीर
परिवार और दूतावास के सहयोग से अब सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद जंजाय एन रोलैंड के पार्थिव शरीर को उनके गृह देश लाइबेरिया भेजा जाएगा, जहां उनके परिजन अंतिम संस्कार करेंगे।
यह हादसा केवल एक आगजनी की घटना नहीं, बल्कि उन परिवारों की पीड़ा की कहानी है जो बेहतर इलाज और नई उम्मीदों के साथ भारत आए थे, लेकिन उन्हें अपनों को खोने का असहनीय दर्द झेलना पड़ा।
