देहरादून में अधिवक्ता सोहेल हारून हत्याकांड का खुलासा, छोटे भाई ने ही ली बड़े भाई की जान
देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र के भुड्डी गांव में हुए चर्चित अधिवक्ता सोहेल हारून हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जिस युवक ने खुद को घटना का प्रत्यक्षदर्शी और पीड़ित बताकर अज्ञात हमलावरों की कहानी सुनाई थी, वही अपने बड़े भाई का कातिल निकला। पुलिस ने मृतक के छोटे भाई शाहिद हारून को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त देशी पिस्टल भी बरामद कर ली है।
हत्या के बाद रची गई झूठी कहानी
14 जून की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि भुड्डी गांव स्थित एक घर में घुसकर अज्ञात बदमाशों ने अधिवक्ता सोहेल हारून को गोली मार दी है। गंभीर रूप से घायल सोहेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद छोटे भाई शाहिद ने पुलिस को बताया कि कोई अज्ञात व्यक्ति घर में घुसा और उसके भाई को गोली मारकर फरार हो गया। शुरुआती तौर पर मामला बाहरी हमलावरों द्वारा की गई हत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस जांच में कहानी कुछ और ही निकली।
CCTV और फॉरेंसिक जांच से खुली पोल
जांच के दौरान पुलिस ने घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस को पता चला कि घर के कैमरे चालू थे, लेकिन उनकी रिकॉर्डिंग पहले ही डिलीट कर दी गई थी। वहीं आसपास के किसी भी कैमरे में घटना के समय कोई संदिग्ध व्यक्ति घर के आसपास आता-जाता दिखाई नहीं दिया।
इसके बाद पुलिस का शक गहराया। तलाशी के दौरान घर के बाथरूम में छिपाकर रखी गई एक देशी पिस्टल बरामद हुई। जब शाहिद से इसके बारे में पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उसके बयान भी बार-बार बदल रहे थे।
10 लाख रुपये बने विवाद की जड़
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 21 वर्षीय शाहिद नशे का आदी था और अपनी महंगी जीवनशैली व शौक पूरे करने के लिए लगातार पैसों की जरूरत पड़ती थी। कुछ समय पहले उसके माता-पिता हज यात्रा पर गए हुए थे। इसी दौरान शाहिद ने कथित रूप से पिता का एटीएम कार्ड इस्तेमाल कर उनके खाते से करीब 10 लाख रुपये निकाल लिए और उन्हें खर्च कर दिया।
जब बड़े भाई सोहेल को इसकी जानकारी मिली तो दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार सोहेल ने इस हरकत को लेकर शाहिद को डांटा-फटकारा और उसकी पिटाई भी की थी। इसी घटना के बाद शाहिद ने अपने भाई को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
पहले बंद किए कैमरे, फिर की हत्या
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शाहिद ने घटना से दो दिन पहले ही घर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी और उन्हें केवल लाइव मोड पर छोड़ दिया था, ताकि हत्या के समय कोई रिकॉर्ड मौजूद न रहे।
14 जून की रात उसने घर में मौजूद देशी पिस्टल से सोहेल हारून को गोली मार दी। गोली लगने से सोहेल की मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क जाम कर जांच भटकाने की कोशिश
हत्या के बाद शाहिद ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए अज्ञात हमलावर की कहानी गढ़ी। इतना ही नहीं, उसने परिजनों और ग्रामीणों को भड़काकर मृतक के शव को देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर सड़क जाम भी कराया। पुलिस का मानना है कि यह सब जांच को भटकाने और खुद पर से शक हटाने के लिए किया गया था।
आरोपी गिरफ्तार
एसएसपी देहरादून के निर्देशन में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी जांच और गहन पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया। आरोपी शाहिद हारून को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल भी बरामद कर ली गई है।
इस खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना यह हत्याकांड एक पारिवारिक विवाद और लालच की भयावह परिणति के रूप में सामने आया है।
