Uttarakhand

सीमा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर भारत-नेपाल की अहम बैठक, देहरादून में JWG का आगाज

भारत और नेपाल के बीच सीमा प्रबंधन को और मजबूत करने को लेकर बुधवार से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 14वीं संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group-JWG) की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। 20 और 21 अगस्त तक चलने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के अधिकारी सीमा सुरक्षा, सीमा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और आपसी समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

बैठक का उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर आपसी सहयोग को मजबूत करना तथा दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। बैठक में सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ-साथ सीमा क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं और ढांचागत विकास को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु कर रही हैं। वहीं, नेपाली प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई नेपाल के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले कर रहे हैं। दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव और सुझाव साझा कर रहे हैं।

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा व्यवस्था के कारण सीमा प्रबंधन का विषय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच नियमित उच्चस्तरीय बैठकें सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान और बेहतर समन्वय के लिए अहम भूमिका निभाती हैं।

देहरादून में हो रही यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब दोनों देश सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दे रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाली बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद आगे की रणनीति और आपसी सहयोग को लेकर सहमति बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।