उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी के पास अब कोई ठोस चुनावी मुद्दा नहीं बचा है, और वे केवल भावनात्मक और जातिगत आधार पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘शुद्धिकरण’ से संबंधित मामले को जातिगत एंगल से जोड़ने के कांग्रेस के प्रयासों को पूरी तरह खारिज किया। धामी के अनुसार, यह पूरी कवायद समाज को विभाजित करने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की एक सुनियोजित कोशिश मात्र है, जिसका मुख्य उद्देश्य सत्ता की राजनीति को साधना है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और राहुल गांधी की राजनीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस का यह नैरेटिव केवल ‘झूठ की गूंज’ बनकर रह गया है। धामी ने इस बात पर जोर दिया कि जिस विषय पर कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला रही है, वह किसी भी प्रकार से जाति विभाजन से नहीं जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा की तरह, एक संवेदनशील सामाजिक मुद्दे का इस्तेमाल करके समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मनमुटाव पैदा करने की कोशिश कर रही है, जिससे राज्य की प्रगति बाधित हो। यह बयान उत्तराखंड की वर्तमान राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीतिक गरमाहट को एक नया आयाम दिया है। धामी के इस बयान को राज्य में सत्ताधारी दल के पक्ष में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की चुनावी रणनीति और विश्वसनीयता पर एक व्यापक प्रश्नचिह्न है। धामी ने साफ चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रकार के विभाजनकारी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेंगे और राज्य में विकास तथा शांति सर्वोपरि रहेगी। इस बयान के बाद, कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आने का इंतजार किया जा रहा है, जिससे न केवल राजनीतिक समीकरणों पर, बल्कि प्रदेश की सामाजिक स्थिरता पर भी नजर रहेगी।
