देशभर में मानसून का तांडव: बिहार में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त, उत्तराखंड में भूस्खलन और राजस्थान में ओलावृष्टि का अलर्ट

देशभर में मानसून का कहर जारी है। बिहार में बाढ़ से 50 लाख लोग प्रभावित हैं और 100 से अधिक सड़कें बह गई हैं। उत्तराखंड में भूस्खलन और राजस्थान में ओलावृष्टि के साथ-साथ यूपी-एमपी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

देशभर में मानसून का तांडव: बिहार में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त, उत्तराखंड में भूस्खलन और राजस्थान में ओलावृष्टि का अलर्ट

देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कुल छह राज्यों में गुरुवार के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिले; जहाँ श्रीगंगानगर में ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया, वहीं बीकानेर संभाग के कई जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहा। आंकड़ों के मुताबिक, झुंझुनूं के पिलानी में तापमान 40.2°C और बीकानेर में 39.4°C दर्ज किया गया, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

बिहार में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिससे राज्य के लगभग 15 जिलों में करीब 50 लाख की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित है। बाढ़ के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है; राज्य में करीब 700 से अधिक ग्रामीण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिनमें से 100 से ज्यादा सड़कें पूरी तरह बह चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, 400 सड़कें 50% से अधिक क्षतिग्रस्त हैं और 200 अन्य सड़कें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसी बीच झारखंड से भी एक दुखद खबर आई है, जहाँ बिजली गिरने की घटना में एक महिला सहित तीन लोगों की जान चली गई।

पहाड़ी राज्यों में भी मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। उत्तराखंड के देहरादून में गुरुवार सुबह से ही तेज बारिश का दौर जारी है, वहीं पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर भूस्खलन (Landslide) होने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। बुधवार दोपहर करीब 12:10 बजे सड़क पर अचानक मलबा और बड़े पत्थर आने से वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। हिमाचल प्रदेश के शिमला में भी बारिश के कारण दृश्यता (Visibility) काफी कम हो गई है, जहाँ सुबह के समय विजिबिलिटी 20 मीटर से भी नीचे गिर गई। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले समय में बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है, इसलिए यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।