नैनीताल में पहली बार मॉनिटर लिजर्ड, पर्यावरण असंतुलन की आशंका
नैनीताल में मॉनिटर लिजर्ड की दस्तक, वन विभाग अलर्ट
नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में तीन मॉनिटर लिजर्ड (गोह) दिखाई देने से स्थानीय निवासियों में हलचल मच गई है। यह जीव आमतौर पर मैदानी और गर्म इलाकों में पाए जाते हैं, लेकिन नैनीताल जैसे ठंडे पर्वतीय क्षेत्र में इनकी मौजूदगी को विशेषज्ञ पर्यावरणीय असंतुलन का संकेत मान रहे हैं।
आबादी क्षेत्र में पहुंचने पर मचा हड़कंप
तल्लीताल के कोयला टाल और जीआईसी स्कूल के पास पिछले कुछ दिनों से गोह देखी जा रही थी। हाल ही में जब इनमें से एक मॉनिटर लिजर्ड सीधे आबादी वाले इलाके में पहुंच गई, तो लोग घबरा गए और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू की कोशिश की, लेकिन पहाड़ी इलाका होने के कारण उसे पकड़ना आसान नहीं हो पाया।
बदलते पर्यावरण की ओर इशारा
वन्यजीव विशेषज्ञ के.एस. सजवाण ने बताया कि मॉनिटर लिजर्ड आम तौर पर शांत स्वभाव की होती हैं और ज्योलीकोट, मंगोली व देवीधूरा जैसे क्षेत्रों में इनकी उपस्थिति सामान्य है। लेकिन नैनीताल में इनका दिखना संकेत देता है कि तापमान में वृद्धि और मानव गतिविधियों से जंगलों में हस्तक्षेप बढ़ रहा है। ऐसे में ये जीव भोजन व सुरक्षित वास की तलाश में ऊंचाई की ओर पलायन कर रहे हैं।
रेस्क्यू अभियान जारी
रेंजर आनंद लाल के अनुसार विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है कि इन मॉनिटर लिजर्ड को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उन्हें वन क्षेत्र में छोड़ा जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
