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भारत में बढ़ा स्वदेशी ऐप्स का जलवा! Zoho Mail बना Gmail का देसी विकल्प… गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपनाया

भारत में अब स्वदेशी तकनीक और देसी ऐप्स को अपनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लोग विदेशी ऐप्स को छोड़कर भारतीय कंपनियों के प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख कर रहे हैं। इस बदलाव की अगुवाई कर रही है Zoho Corporation, जिसने व्हाट्सएप को टक्कर देने के लिए Arattai और जीमेल के मुकाबले में Zoho Mail तैयार किया है।

अब कई यूजर्स Gmail छोड़कर Zoho Mail की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। खास बात यह है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने ऑफिसियल कम्युनिकेशन के लिए Zoho Mail को अपनाया है। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी नई ईमेल आईडी amitshah.bjp@zohomail.in साझा की और लोगों से भविष्य के संपर्क इसी पर करने की अपील की। इससे पहले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और धर्मेंद्र प्रधान भी Zoho के ऐप्स का समर्थन कर चुके हैं।

Zoho Mail कितना स्टोरेज फ्री देता है?

Zoho Mail अपने यूजर्स को 5GB फ्री स्टोरेज प्रदान करता है। यह छोटे बिजनेस या पर्सनल यूजर्स के लिए पर्याप्त माना जा सकता है। हालांकि, यह प्लान 5 यूजर्स तक सीमित है और वेब-ओनली एक्सेस के साथ आता है।
जो लोग बड़े अटैचमेंट भेजते हैं या मल्टीपल डोमेन मैनेज करते हैं, उन्हें बाद में अपग्रेड प्लान की जरूरत पड़ सकती है।

Gmail के मुकाबले क्या फर्क है?

Gmail यूजर्स को 15GB फ्री स्टोरेज देता है, लेकिन यह Google Drive और Photos के साथ साझा होता है, जिससे यह जल्दी भर जाता है। लिमिट पूरी होने पर मेल भेजना या रिसीव करना बंद हो जाता है। गूगल वन सब्सक्रिप्शन से इसे बढ़ाया जा सकता है।

Zoho Mail के पावरफुल फीचर्स

Zoho Mail सिर्फ ईमेल नहीं, बल्कि एक ऑल-इन-वन ऑफिस सूट है। इसमें आपको Zoho CRM, Zoho Projects, Zoho Docs, Zoho Calendar और Zoho Cliq जैसे टूल्स मिलते हैं।
यहां आप मेल भेजने के साथ-साथ नोट्स बना सकते हैं, टास्क असाइन कर सकते हैं और टीम कोऑर्डिनेशन भी कर सकते हैं — यानी एक ही जगह पर पूरा कामकाज।

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