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रुद्रप्रयाग: परमाणु व रक्षा परियोजनाओं की समिति के अध्यक्ष बने पिल्लू गाँव के रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) ओम प्रकाश सिंह राणा

परमाणु, रक्षा एवं अन्य रणनीतिक महत्व की परियोजनाओं के पर्यावरणीय मूल्यांकन के लिए गठित विशेषज्ञ समिति का केंद्र सरकार ने पुनर्गठन किया है। इस पुनर्गठित समिति की अध्यक्षता देहरादून निवासी और मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के पिल्लू गांव से ताल्लुक रखने वाले रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) ओम प्रकाश सिंह राणा (एवीएसएम, वीएसएम) को सौंपी गई है।
इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 15 दिसंबर को आधिकारिक आदेश जारी किया।

यह समिति परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स, रक्षा एवं अन्य रणनीतिक परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों की गहन जांच करेगी। साथ ही विस्तृत पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) और पर्यावरण प्रबंधन योजना (EMP) तैयार करने के लिए आवश्यक शर्तें निर्धारित करेगी।

जहां भी संभव होगा, समिति पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए सुरक्षा उपायों और वैकल्पिक समाधानों के सुझाव भी देगी। इसके अतिरिक्त, परमाणु ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक परियोजनाओं से जुड़े पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के लिए उपयुक्त विषयों और प्राथमिक क्षेत्रों की भी सिफारिश की जाएगी।

ब्रह्मोस मिसाइल इकाई की स्थापना में अहम योगदान

रियर एडमिरल ओम प्रकाश सिंह राणा का संबंध रुद्रप्रयाग जिले से है और उन्होंने भारतीय नौसेना में लंबे कार्यकाल के दौरान पारंपरिक एवं सामरिक हथियार प्रणालियों के डिज़ाइन, अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी हस्तांतरण, उत्पादन, गुणवत्ता परीक्षण और स्वदेशीकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं।

सेवानिवृत्ति के बाद वे ब्रह्मोस एयरोस्पेस में महाप्रबंधक एवं प्रमुख के रूप में कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने पिलानी में लगभग 220 एकड़ क्षेत्र में स्थापित अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन इकाई की स्थापना में निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे देश की रक्षा क्षमता को नई मजबूती मिली।