कोटद्वार में ‘बाबा’ नाम पर बवाल, इंसानियत के साथ खड़े दीपक पर FIR, राहुल गांधी बोले “भारत का हीरो”
उत्तराखंड के कोटद्वार में एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर उठा विवाद अब सिर्फ स्थानीय मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। 26 जनवरी को पटेल मार्ग स्थित एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम में लगे ‘बाबा’ शब्द को हटाने की मांग को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया।
इस दौरान वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि कुछ कार्यकर्ता बुजुर्ग दुकानदार से बहस करते नजर आए। इसी बीच एक युवक, जिसने वीडियो में खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया, दुकानदार के समर्थन में सामने आया और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का विरोध किया। बहस बढ़ने पर दीपक और उनके साथियों ने कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया।
FIR और तीन अलग-अलग मामले
घटना के बाद पुलिस ने 1 फरवरी की रात प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी कि दीपक कुमार और उनके साथियों के खिलाफ शिकायतों के आधार पर FIR दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार,
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पहला केस: 30–40 अज्ञात लोगों के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग, सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस से धक्का-मुक्की के आरोप में
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दूसरा केस: स्थानीय निवासी वकील अहमद की शिकायत पर गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर
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तीसरा केस: कमल पाल की शिकायत पर दीपक कुमार और उनके साथियों पर जान से मारने की नीयत से हमले का आरोप
बजरंग दल का प्रदर्शन और तनावपूर्ण हालात
31 जनवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ता देहरादून से कोटद्वार पहुंचे और मालवीय उद्यान में प्रदर्शन किया। शहर में जुलूस निकाला गया और दीपक कुमार व विजय रावत के खिलाफ नारेबाज़ी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने उस जिम के बाहर भी प्रदर्शन किया, जहां दीपक जाते थे। एहतियातन पुलिस ने दीपक और विजय रावत को कोतवाली में बैठाया। बाद में बाहर से आए प्रदर्शनकारियों को शहर से बाहर किया गया।
समर्थन में उतरे स्थानीय लोग और राहुल गांधी
दीपक के समर्थन में कोटद्वार के दर्जनों लोग कोतवाली पहुंचे। मामला तब और बड़ा हो गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दीपक को ‘भारत का हीरो’ बताते हुए लिखा कि वे संविधान और इंसानियत के लिए खड़े हैं और नफरत के माहौल में मोहब्बत की दुकान का प्रतीक हैं।
राहुल गांधी ने BJP और संघ परिवार पर समाज में डर और ज़हर फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा,
“हमें और दीपकों की ज़रूरत है — जो न डरें, न झुकें। डरो मत, तुम बब्बर शेर हो।”
पुलिस की पहल, नाम वही रहेगा
पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत के बाद बताया कि सहमति बन गई है। दुकान का नाम ‘बाबा’ ही रहेगा और इसे लेकर कोई विरोध या प्रदर्शन नहीं होगा।
पुलिस ने सख्त चेतावनी जारी की है कि क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
