मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी ने हाल ही में पाकिस्तान की रणनीतिक गतिविधियों को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। उनका मानना है कि पाकिस्तान अपने देश के भीतर चल रहे आंतरिक संकटों और जन-असंतोष से ध्यान हटाने के लिए युद्ध की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर सकता है, जिसमें पानी जैसे संवेदनशील मुद्दों को आधार बनाया जा सकता है। बख्शी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत के पास अब सोचने के लिए बहुत कम समय बचा है और देश को अपनी ‘नौकरशाही वाली सुस्ती’ को त्यागकर रक्षा तैयारियों में तेजी लानी होगी।
रूस के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने के 6 प्रमुख सुझाव
सैन्य विशेषज्ञ ने भारत की रक्षा क्षमताओं को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाने के लिए रूस के साथ सहयोग बढ़ाने का एक विस्तृत खाका पेश किया है। उन्होंने निम्नलिखित 6 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया है ताकि भारत की सैन्य शक्ति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके:
विशेषज्ञ का यह दृष्टिकोण भारत की सामरिक स्वायत्तता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। बख्शी के अनुसार, यदि भारत समय रहते इन बड़ी कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता है, तो भविष्य में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और भी जटिल हो सकती हैं। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में, रूस के साथ इन रक्षा सौदों को पूरा करना न केवल सैन्य संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि यह भारत की रक्षा जरूरतों को तेजी से पूरा करने का एक प्रभावी तरीका भी साबित हो सकता है।
