शाबास: विकास ने किया अद्भुत साहस का परिचय, मंदाकिनी में बह रही अनजान लड़की को मौत के मुंह से निकाला
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में रहने वाले विकास कुमार, जो रोज़ी-रोटी के लिए खच्चर चलाने का काम करते हैं, आज पूरे इलाके में ‘विकास वीर’ के नाम से जाने जा रहे हैं।
मंदाकिनी नदी में मौत से जंग
दो दिन पहले की बात है। विकास गांव कुमोली मालकोटी निवासी हैं और इन दिनों गिंवाला, अगस्त्यमुनी में काम कर रहे थे। हमेशा की तरह वे मंदाकिनी नदी किनारे अपने खच्चरों में रेता भर रहे थे। तभी उनकी नज़र पड़ी कि पास ही एक युवती तेज़ बहाव में बह रही है।
पलभर का भी इंतज़ार किए बिना विकास ने बर्फ जैसे ठंडे पानी में छलांग लगा दी। खुद की जान की परवाह किए बिना उन्होंने संघर्ष करते हुए उस लड़की को नदी से बाहर निकाल लिया।
समय पर पहुंची मदद
थोड़ी ही देर में पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और अर्धबेहोशी की हालत में युवती को अगस्त्यमुनी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर कुछ देर और हो जाती, तो उसकी जान बचाना मुश्किल था।
जनता के दिल में हीरो बना ‘साधारण’ विकास
विकास न कोई अफसर हैं, न कोई फौजी — वे तो एक साधारण मेहनतकश इंसान हैं, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए रोज़ खच्चर चलाते हैं। लेकिन जिस निर्भीकता और मानवीयता से उन्होंने एक अनजान लड़की की जान बचाई, उसने पूरे इलाके का दिल जीत लिया है।
सम्मान की मांग उठी
स्थानीय लोग कह रहे हैं कि विकास जैसे लोगों को ही ‘वास्तविक हीरो’ कहा जाना चाहिए। उनकी बहादुरी को देखते हुए लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन उन्हें सम्मानित करे, ताकि समाज में ऐसे साहसी कार्य
