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जेब कटे बिना नहीं मिलेगी नैनीताल में एंट्री? 100 रुपये एंट्री टैक्स पर भड़के पर्यटक

अगर आप उत्तराखंड की पर्यटन राजधानी नैनीताल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकती है। होटल का किराया, पार्किंग शुल्क और ग्रीन टैक्स के बाद अब शहर में प्रवेश करना भी महंगा हो गया है। नई व्यवस्था के तहत बाहरी जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाली बाइक और स्कूटी पर 100 रुपये का एंट्री टैक्स लागू कर दिया गया है। यह फैसला लागू होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

आखिर क्या बदला है?

नैनीताल नगर पालिका ने पर्यटन सीजन के दौरान लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम, पार्किंग संकट और शहर पर बढ़ते दबाव को देखते हुए नई शुल्क व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब शहर की सीमा में प्रवेश करने वाले बाहरी दोपहिया वाहनों से 100 रुपये एंट्री टैक्स लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अनियंत्रित वाहनों की संख्या कम करना और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

क्यों लिया गया फैसला?

पिछले कुछ वर्षों में नैनीताल में पर्यटन का दबाव तेजी से बढ़ा है। खासकर वीकेंड, गर्मी की छुट्टियों और लंबे अवकाश के दौरान हजारों वाहन शहर में पहुंच जाते हैं। इससे घंटों तक जाम, पार्किंग की समस्या और पर्यावरण पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिलता है। नगर पालिका का मानना है कि अतिरिक्त शुल्क लगाने से अनावश्यक वाहनों की संख्या कम होगी और यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।

सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है। कई यूजर्स का कहना है कि पहले ही होटल, पार्किंग, ग्रीन टैक्स और अन्य खर्चों से यात्रा महंगी हो चुकी है, ऐसे में अब एंट्री टैक्स लगाना पर्यटकों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है।

एक यूजर ने लिखा, “जेब कटे बिना अब नैनीताल में एंट्री नहीं मिलेगी।”

वहीं दूसरे ने तंज कसते हुए लिखा, “आज एंट्री टैक्स लगा है, कहीं कल चलने और सांस लेने पर भी टैक्स न लगा दें।”

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि सरकार पर्यटन बढ़ाना चाहती है तो पहले पार्किंग, ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन की बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए, सिर्फ शुल्क बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

प्रशासन का क्या कहना है?

प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि नैनीताल को ट्रैफिक जाम और पर्यावरणीय दबाव से बचाने के लिए उठाया गया है। नगर पालिका का दावा है कि इस शुल्क से मिलने वाली राशि का उपयोग ट्रैफिक प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, पार्किंग सुविधाओं और पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

पर्यटकों को क्या करना चाहिए?

यदि आप आने वाले दिनों में नैनीताल जाने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा बजट बनाते समय होटल, पार्किंग, ग्रीन टैक्स और अब एंट्री टैक्स को भी शामिल करें। खासकर बाइक या स्कूटी से यात्रा करने वाले पर्यटकों को इस अतिरिक्त खर्च का ध्यान रखना होगा।