रुद्रप्रयाग: भीरी-सुरसाल के अर्णव शौर्य बिष्ट की बड़ी उपलब्धि, IIT मुंबई से PhD के बाद Global Foundries में चयन
रुद्रप्रयाग जिले के भीरी-सुरसाल गाँव निवासी अर्णव शौर्य बिष्ट ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे रुद्रप्रयाग और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। अर्णव ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मुंबई से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में PhD पूरी करने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनका चयन अमेरिका की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनी Global Foundries में Electronics Scientist के पद पर हुआ है। उनकी नई जिम्मेदारी GlobalFoundries की सिंगापुर इकाई से जुड़ी है।
स्कूली शिक्षा से ही दिखी प्रतिभा
अर्णव शौर्य बिष्ट की शैक्षणिक उपलब्धियों का सिलसिला स्कूल के दिनों से ही शुरू हो गया था। उन्होंने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्तराखंड में 13वीं रैंक हासिल की। उस समय उन्होंने विद्या मंदिर सुमाड़ी से शिक्षा प्राप्त की थी।
इसके बाद कक्षा 12वीं में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन जारी रखा। इंटरमीडिएट की परीक्षा में अर्णव ने उत्तराखंड में 9वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत और शैक्षणिक क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने कक्षा 12वीं की शिक्षा विद्या मंदिर बेलनी से पूरी की।
NIT श्रीनगर से IIT तक का सफर
स्कूली शिक्षा के बाद अर्णव ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने NIT श्रीनगर और इसके बाद IIT रुड़की से उच्च शिक्षा प्राप्त की। तकनीकी और शोध के क्षेत्र में रुचि के चलते उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी और देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मुंबई से PhD पूरी की।
PhD के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित तकनीकी क्षेत्र में गहन अध्ययन एवं शोध किया। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का अवसर मिला।
Global Foundries में Electronics Scientist बने
IIT मुंबई से PhD पूरी करने के बाद अर्णव का चयन GlobalFoundries में Electronics Scientist के पद पर हुआ है। Global Foundries दुनिया की प्रमुख सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है और इसके सिंगापुर में भी महत्वपूर्ण तकनीकी एवं विनिर्माण केंद्र हैं।
अर्णव की यह उपलब्धि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में शिक्षा हासिल करना और इसके बाद वैश्विक तकनीकी कंपनी में वैज्ञानिक के रूप में चयनित होना उनकी मेहनत और प्रतिभा को दर्शाता है।
रुद्रप्रयाग के युवाओं के लिए प्रेरणा
अर्णव शौर्य बिष्ट की सफलता से उनके गृह क्षेत्र सुरसाल और रुद्रप्रयाग में खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि पहाड़ के प्रतिभाशाली युवा भी अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर देश-दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों और कंपनियों तक पहुंच सकते हैं।
स्कूल स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन से लेकर NIT श्रीनगर, IIT रुड़की और IIT मुंबई तक का उनका सफर युवा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण है। उनकी सफलता ने रुद्रप्रयाग के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है।
